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GPO के GM ने माँगी माफ़ी: जीमन्यूज़

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GPO के GM ने माँगी माफ़ी: जीमन्यूज़ Good Morning Nagpur

 

बिना कर्मचारियों के चल रहे पोस्ट ऑफिस, जीपीओ के जीएम ने मांगी माफी

नागपुर: डिजिटल इंडिया के दौर में भी भारतीय डाक सेवा (Post Office) की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है, लेकिन नागपुर में डाक विभाग की हालत खस्ता नजर आ रही है। शहर के महत्वपूर्ण इलाकों— सदर और गाड़ीखाना (गाड़ीगुड़मा) पोस्ट ऑफिस में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।

स्टाफ की कमी से जनता परेशान

नागपुर के सदर और गाड़ीखाना पोस्ट ऑफिस में आने वाले नागरिकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार खिड़कियों पर स्टाफ न होने के कारण काम बीच में ही रुक जाता है। महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्पीड पोस्ट और बैंकिंग सेवाओं के लिए आने वाली जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर भारत सरकार की इतनी बड़ी इकाई का यह हाल है, तो आम जनता अपनी शिकायतों के समाधान के लिए कहां जाए?

GM ने मांगी माफी, खबर न चलाने का किया आग्रह

जब इस बदहाली को लेकर जीपीओ (GPO) के जनरल मैनेजर (GM) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी विफलता को स्वीकार किया। आश्चर्यजनक रूप से, व्यवस्था सुधारने का ठोस आश्वासन देने के बजाय, उन्होंने मामले पर माफी मांगी और खबर न चलाने का आग्रह किया। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा खबर रोकने का निवेदन विभाग की आंतरिक खामियों को और भी उजागर करता है।

मुख्य सवाल:

• क्या केंद्र सरकार की इतनी महत्वपूर्ण सेवा केवल माफी के सहारे चलेगी?

• रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?

• क्या प्रशासन की अनदेखी के कारण डाक सेवा अपनी साख खो रही है?

डाक विभाग जैसी सेवाओं का सीधा सरोकार आम आदमी और मध्यम वर्ग से होता है। ऐसे में कर्मचारियों के अभाव में सेवाओं का लड़खड़ाना शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

रिपोर्ट: ब्यूरो न्यूज़, गुड मॉर्निंग नागपुर