-
--
यहाँ इस मामले से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
### मुख्य घटनाक्रम (मई 2026)
• परीक्षा रद्दीकरण: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई, 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक होने की पुष्टि के बाद रद्द कर दिया है।
• सीबीआई (CBI) जांच: भारत सरकार ने परीक्षा में हुई अनियमितताओं की व्यापक जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है।
मुख्यमंत्री विजय की अपील और तर्क
मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर और सार्वजनिक संबोधन के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए हैं:
• 12वीं के अंकों पर दाखिला: उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यों को अपने कोटे की सीटों (MBBS, BDS, और AYUSH) को भरने के लिए 12वीं कक्षा के अंकों को आधार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
• ढांचागत खामियां: विजय ने कहा कि 2024 में हुए पेपर लीक और अब 2026 की घटना यह साबित करती है कि यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली बुनियादी रूप से दोषपूर्ण है।
• छात्रों पर प्रभाव: उन्होंने जोर देकर कहा कि NEET ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों, तमिल माध्यम के छात्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नुकसान पहुंचाया है।
• सुधारों की विफलता: मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि 2024 के विवाद के बाद के. राधाकृष्णन समिति की 95 सिफारिशों के बावजूद, दो साल के भीतर दोबारा पेपर लीक होना सिस्टम की विफलता का निर्णायक सबूत है।
### NEET-UG 2026 के आंकड़े
• कुल उम्मीदवार: इस वर्ष देशभर में कुल 22,05,035 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे।
• तमिलनाडु की भागीदारी: तमिलनाडु के 31 शहरों में लगभग 1.4 लाख छात्रों ने यह परीक्षा दी थी।
छात्रों के लिए अगली जानकारी
NTA के अनुसार, रद्द की गई परीक्षा के लिए पुन: परीक्षा (Re-exam) आयोजित की जाएगी। छात्रों को इसके लिए दोबारा पंजीकरण या कोई अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। नई तारीखों और एडमिट कार्ड की घोषणा जल्द ही आधिकारिक चैनलों के माध्यम से की जाएगी।