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1800 शिक्षक पर आपराधिक मामले दर्ज ।

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1800 शिक्षक पर आपराधिक मामले दर्ज । Good Morning Nagpur

महाराष्ट्र में शालार्थ आईडी (Shalarth ID) और TET घोटाले के तहत अब तक की गई कार्रवाई और शिक्षकों पर दर्ज FIR की एक विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है। यह रिपोर्ट नागपुर और पूरे महाराष्ट्र के आंकड़ों पर आधारित है:

GMNEWS:महाराष्ट्र शिक्षक घोटाला: FIR और कार्रवाई रिपोर्ट (2026)
महाराष्ट्र शिक्षा विभाग और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की अब तक की जांच के अनुसार, राज्य में फर्जी तरीके से वेतन लेने और अवैध नियुक्तियों के मामले में रिकॉर्ड कार्रवाई की गई है।
1. कुल FIR और शिक्षकों की संख्या
 * संपूर्ण महाराष्ट्र: अब तक राज्य भर में लगभग 9,500 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ जांच शुरू की गई है। इनमें से 1,800 से अधिक शिक्षकों पर सीधे FIR दर्ज की जा चुकी है।
 * वेतन पर रोक: लगभग 4,500 शिक्षकों का वेतन (Salary) शालार्थ आईडी संदिग्ध पाए जाने के कारण स्थाई रूप से रोक दिया गया है।
2. नागपुर संभाग (Nagpur Division) की स्थिति
नागपुर इस घोटाले के मुख्य केंद्रों में से एक रहा है:
 * दर्ज मामले: नागपुर जिले और शहर में अब तक 12 से अधिक FIR दर्ज हुई हैं, जिनमें 150 से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
 * गिरफ्तारियां: नागपुर में शिक्षा विभाग के 4 वरिष्ठ अधिकारियों सहित 15 बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया है।
 * फर्जी आईडी: नागपुर संभाग में करीब 420 शालार्थ आईडी को 'संदिग्ध' (Suspicious) घोषित कर उनकी मैन्युअल जांच की जा रही है।
3. जिलेवार कार्रवाई का विवरण
| जिला | दर्ज FIR (अनुमानित) | प्रभावित शिक्षक/कर्मचारी | मुख्य आरोप |
| पुणे | 25+ | 800+ | TET फर्जीवाड़ा और शालार्थ आईडी |
| नागपुर | 12+ | 150+ | बैकडेट नियुक्तियां (Backdate Approvals) |
| ठाणे/पालघर | 08+ | 120+ | फर्जी आदिवासी कोटा नियुक्तियां |
| छत्रपति संभाजीनगर | 15+ | 300+ | स्कूल मैनेजमेंट के साथ मिलीभगत |
4. कार्रवाई का स्वरूप (Action Taken)
पुलिस और शिक्षा विभाग ने केवल FIR ही नहीं की है, बल्कि सख्त कदम भी उठाए हैं:
 * सेवा समाप्ति (Dismissal): जिन शिक्षकों के TET सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए, उनमें से 7,800 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
 * रिकवरी (Recovery): सरकार ने अब तक दिए गए वेतन की वसूली के लिए ₹300 करोड़ से अधिक के रिकवरी नोटिस जारी किए हैं।
 * संपत्ति कुर्की: घोटाले के मास्टरमाइंड एजेंटों और भ्रष्ट अधिकारियों की बेनामी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू है।
5. जांच में हुए बड़े खुलासे
 * रेट कार्ड: जांच में पता चला कि एक आईडी एक्टिव करने के लिए ₹15 लाख से ₹25 लाख तक लिए गए थे।
 * डिजिटल चोरी: मंत्रालय के 'आईटी सेल' के कुछ बाहरी कर्मचारियों ने पासवर्ड हैक करके रात के समय आईडी अप्रूव की थीं।
ताजा अपडेट: बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने आदेश दिया है कि जिन शिक्षकों ने फर्जी तरीके से नौकरी पाई है, उन्हें एक भी दिन पद पर रहने का अधिकार नहीं है।
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