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1 करोड़ के पास योजना के सिलेंडर रीफिल ही नहीं हुए ।
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RTI का बड़ा खुलासा: 96 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों ने साल भर में नहीं कराया एक भी सिलेंडर रिफिल।
GMNEWS:नई दिल्ली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 96 लाख लाभार्थियों ने एक बार भी अपना एलपीजी (LPG) सिलेंडर रिफिल नहीं कराया है।
5 सालों में सबसे खराब आंकड़ा
RTI के जवाब में यह बात स्पष्ट हुई है कि रिफिल न कराने वाले ग्राहकों की यह संख्या पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। यह डेटा योजना के क्रियान्वयन और गरीब परिवारों द्वारा सिलेंडर के उपयोग की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्य आंकड़े एक नज़र में:
* रिफिल न कराने वाले: ~96 लाख लाभार्थी (FY25)।
* कुल कनेक्शन (IOCL): इंडियन ऑयल ने अकेले 1 जनवरी 2026 तक करीब 4.95 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन जारी किए हैं।
* ट्रेंड: पिछले 5 सालों में रिफिलिंग न कराने का यह सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
क्या यह योजना की विफलता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सिलेंडर की बढ़ती कीमतें और रिफिलिंग के लिए आवश्यक राशि का अभाव इसका मुख्य कारण हो सकता है। हालांकि सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत भारी सब्सिडी देने का वादा किया है, लेकिन 96 लाख लोगों का एक भी सिलेंडर न लेना इस बात की ओर इशारा करता है कि जमीनी स्तर पर अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं।
निष्कर्ष
जहां एक ओर सरकार करोड़ों नए कनेक्शन देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर रिफिलिंग के गिरते आंकड़े यह दर्शाते हैं कि सिर्फ चूल्हा देना काफी नहीं है, बल्कि उसे चालू रखना भी एक बड़ी चुनौती है।