-
--
नागपुर साइबर सेल द्वारा किया गया यह भंडाफोड़
GMnews :शहर के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत है। इस तरह के 'बिजली बिल स्कैम' ने पिछले कुछ महीनों में कई लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाला था।
यहाँ इस गिरोह के काम करने के तरीके और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी गई है:
🚨 कैसे बिछाया गया जाल: गिरोह का 'Modus Operandi'
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। इनकी कार्यप्रणाली कुछ इस प्रकार थी:
• फर्जी मैसेज (SMS): नागरिकों को मोबाइल पर एक डरावना मैसेज भेजा जाता था— "प्रिय ग्राहक, आपका बिजली बिल अपडेट नहीं है। आज रात 9:30 बजे आपकी बिजली काट दी जाएगी। तुरंत इस नंबर (XXXXXXXXXX) पर संपर्क करें।"
• रिमोट एक्सेस ऐप का खेल: जैसे ही कोई घबराकर उस नंबर पर कॉल करता, ठग खुद को 'महावितरण' (MSEDCL) का अधिकारी बताते। वे पीड़ित को AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करने को कहते।
• स्क्रीन मिररिंग: इन ऐप्स के जरिए वे पीड़ित के मोबाइल का पूरा कंट्रोल ले लेते और जैसे ही पीड़ित ₹10 या ₹11 का 'अपडेट शुल्क' देने के लिए बैंकिंग पिन डालता, ठग उनके खाते से लाखों रुपये साफ कर देते।
🚔 पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
नागपुर पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर सदर और जरीपटका इलाके में छापेमारी की:
• गिरफ्तारी: कुल 5 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इनके तार जामताड़ा और पश्चिम बंगाल के गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।
• जब्त सामान: * 35 से अधिक स्मार्टफोन।
• 150 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड पर लिए गए सिम कार्ड।
• 3 लैपटॉप और कई बैंक पासबुक।
• करीब 10 लाख रुपये की नकदी।
⚠️ खुद को कैसे बचाएं? (पुलिस की सलाह)
नागपुर पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है:
1. आधिकारिक नंबर: महावितरण कभी भी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से बिजली काटने की चेतावनी नहीं भेजता। हमेशा आधिकारिक 'MSEDCL' ऐप या वेबसाइट का उपयोग करें।
2. अनजान लिंक: मैसेज में आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
3. रिमोट ऐप: किसी के कहने पर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप कभी इंस्टॉल न करें, यह आपके फोन की जासूसी का जरिया बन सकते हैं।
4. रिपोर्ट करें: यदि आपके साथ धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।