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पानी मे लगी आग,खड़ी युद्ध का असर ।

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पानी मे लगी आग,खड़ी युद्ध का असर । Good Morning Nagpur

 बोतल बंद पानी पर महंगाई की बड़ी मार!

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध का सीधा असर

अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। बोतलबंद पानी की कीमतों में 11% तक का उछाल आया है, जिससे आम जनता की प्यास बुझाना भी अब महंगा हो गया है।
इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण क्या हैं?
खबरों के अनुसार, पैकेजिंग सामग्री और अन्य कारकों ने इस बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है:
 * कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: मिडिल ईस्ट में अशांति ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर पॉलिमर (प्लास्टिक) और अन्य पैकेजिंग सामग्री की लागत पर पड़ता है।
 * पैकेजिंग लागत में वृद्धि: पॉलिमर की कीमतों में 50% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब ₹170 प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसके अलावा, बोतल के ढक्कन की कीमत भी दोगुनी होकर 45 पैसे प्रति पीस हो गई है। गत्ते के बॉक्स और लेबल भी महंगे हो गए हैं।
 * जीएसटी कटौती बेअसर: पिछले साल सरकार द्वारा पैकेजिंग सामग्री पर जीएसटी में की गई कटौती (18% से घटाकर 5%) का लाभ इस बढ़ोतरी के कारण पूरी तरह से खत्म हो गया है।
बाजार पर इसका क्या असर हुआ है?
भारतीय बोतलबंद पानी बाजार पर इसका काफी असर पड़ा है:
 * प्रमुख ब्रांडों द्वारा कीमतें बढ़ाना:
   * बिस्लेरी (Bisleri): कीमतों में सबसे ज्यादा 11% की बढ़ोतरी की है। 1 लीटर की 12 बोतलों वाला बॉक्स अब ₹216 के बजाय ₹240 में मिलेगा।
   * पार्ले एग्रो (Bailley) और क्लियर प्रीमियम वाटर: कीमतों में 8% से 11% तक का इजाफा किया है।
   * प्रीमियम ब्रांड (जैसे Aava): रीसेलर्स के लिए कीमतों में 18% तक की बढ़ोतरी की है।
 * छोटे निर्माताओं पर प्रभाव: करीब 2,000 छोटे निर्माताओं ने भी डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए कीमतें ₹1 प्रति बोतल बढ़ा दी हैं।
 * भविष्य की आशंका: विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में 10% तक की और वृद्धि हो सकती है।
आम जनता पर क्या असर होगा?
बोतलबंद पानी की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम जनता के लिए चिंता का विषय है, खासकर गर्मियों के मौसम में। इससे उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में वृद्धि होगी और उन्हें अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी।
निष्कर्ष:
मिडिल ईस्ट युद्ध और पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय उपभोक्ताओं को बोतलबंद पानी के लिए अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
 
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