-
--
महेंद्रगढ़/नई दिल्ली: हरियाणा के महेंद्रगढ़ से आई एक खबर ने पूरे देश के न्यायिक सिस्टम को झकझोर कर रख दिया है। एक न्यायाधीश, जिन पर कानून की रक्षा और न्याय करने की जिम्मेदारी है, उन पर उनके ही घरेलू सहायक (कुक) ने बंधक बनाने और यौन उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
शिकायत की मुख्य बातें (Detailed Allegations):
पीड़ित कुक ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं:
1. शक्ति का दुरुपयोग: पीड़ित का आरोप है कि जज ने अपने पद का रसूख दिखाते हुए उसे डराया और जबरन अपने निजी अंगों (Private Parts) की मालिश करवाई।
2. बंधक बनाकर टॉर्चर: रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित को करीब 48 घंटों (दो दिनों) तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया।
3. सामूहिक मारपीट: आरोप केवल जज तक सीमित नहीं हैं। कुक ने बताया कि जज ने अपने कुछ साथियों को बुलाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, ताकि वह इस मामले पर चुप रहे।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
महेंद्रगढ़ पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच की बात कही है। सूत्रों के अनुसार:
• पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
• घटना स्थल (जज के आधिकारिक आवास) के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा सकते हैं।
• जज के साथ मौजूद उन 'साथियों' की पहचान की जा रही है जिनका नाम शिकायत में दर्ज है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में सबसे शर्मनाक घटनाओं में से एक होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में हाई कोर्ट सीधे संज्ञान ले सकता है और संबंधित न्यायाधीश को जांच पूरी होने तक निलंबित किया जा सकता है।
'Good Morning Nagpur' का सवाल
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो आम आदमी न्याय के लिए किसके पास जाएगा? क्या एक साधारण रसोइए को एक ताकतवर जज के खिलाफ न्याय मिल पाएगा?