Daily Wisdom Drop
  • “Take risks: if you win, you will be happy; if you lose, you will be wise.”
  • The Light You Shine On Others Will Always Reflect Back On You.

महाराष्ट्र सरकार जेंडर बजटिंग

ADVERTISEMENT
Share News:
महाराष्ट्र सरकार जेंडर बजटिंग Good Morning Nagpur

महाराष्ट्र सरकार का जेंडर बजट (Gender Budget) 2026-27 मुख्य रूप से महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पेश किए गए इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं और बजट प्रावधानों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:

महाराष्ट्र जेंडर बजट 2026-27: मुख्य रिपोर्ट
महाराष्ट्र सरकार ने इस साल के बजट को जेंडर-सेंसिटिव (Gender-Sensitive) बनाने के लिए इसे मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया है:
 * भाग ए (Part A): उन योजनाओं के लिए जहाँ 100% फंड केवल महिलाओं के लिए है।
 * भाग बी (Part B): वे योजनाएं जहाँ कम से कम 30% से 99% तक फंड महिलाओं को लाभ पहुँचाता है।
1. प्रमुख योजनाएं और आवंटन (Major Schemes)
 * मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना:
   * आवंटन: ₹26,500 करोड़ (पिछले वर्ष के ₹36,000 करोड़ से कम)।
   * कारण: सरकार ने लाभार्थियों के डेटा का 'सत्यापन' (Verification) किया है, जिससे पात्र लाभार्थियों की संख्या अब 1.53 करोड़ रह गई है।
   * लाभ: पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की वित्तीय सहायता जारी रहेगी।
 * लखपति दीदी योजना:
   * लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 25 लाख और महिलाओं को उद्यमी (Entrepreneurs) बनाकर 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
 * एकल महिलाओं के लिए विशेष नीति:
   * सरकार पूरे महाराष्ट्र में एकल महिलाओं (Single Women) का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण शुरू करेगी। इस डेटा के आधार पर उनके लिए एक समर्पित कल्याणकारी नीति (Dedicated Policy) बनाई जाएगी।
2. महिला सुरक्षा और न्याय (Safety & Justice)
 * भरोसा सेल (Bharosa Cells): राज्य के सभी जिलों में हिंसा की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए 'भरोसा सेल' और फास्ट-ट्रैक कोर्ट को मजबूत किया जाएगा।
 * कार्यस्थल पर सुरक्षा: सरकारी और निजी संस्थानों में 1.19 लाख से अधिक 'शिकायत निवारण समितियों' के कामकाज की निगरानी के लिए डिजिटल पोर्टल को अपडेट किया जाएगा।
3. कृषि में महिलाओं की भागीदारी
2026 को 'अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष' के रूप में मनाते हुए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं:
 * महिला पशुपालक: मुर्गी पालन और बकरी पालन (Goat Farming) से जुड़ी महिलाओं के लिए विशेष ऋण और सब्सिडी योजना।
 * प्राकृतिक खेती: 5 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को प्रशिक्षण और फंड।
बजट का तुलनात्मक विवरण (Snapshot Table)
| विशेष क्षेत्र | प्रावधान/घोषणा |
|---|---|
| माझी लाडकी बहिन योजना | ₹26,500 करोड़ (1.53 करोड़ महिलाएं लाभार्थी) |
| लखपति दीदी लक्ष्य | +25 लाख नई महिलाएं (2026-27) |
| एकल महिला सर्वेक्षण | पूरे महाराष्ट्र के सभी जिलों में शुरू होगा |
| महिला सुरक्षा | 1.19 लाख शिकायत निवारण समितियों का सुदृढ़ीकरण |
| परिवहन | महिलाओं के लिए 'पिंक ई-रिक्शा' और पिंक मेट्रो टिकट |
निष्कर्ष (Conclusion)
महाराष्ट्र का जेंडर बजट 2026 अब केवल "कल्याण" (Welfare) से बढ़कर "आर्थिक भागीदारी" (Economic Participation) की ओर मुड़ रहा है। लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों की छंटनी और सर्वेक्षण की घोषणा दर्शाती है कि सरकार अब 'टारगेटेड डिलीवरी' (सटीक वितरण) पर ध्यान दे रही है।

नागपुर जिले में जेंडर बजट के तहत महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं की स्थिति और पिंक ई-रिक्शा (Pink E-Rickshaw) प्रोजेक्ट पर विस्तृत रिपोर्ट यहाँ दी गई है:
नागपुर जिला: जेंडर बजट और लाभार्थी रिपोर्ट (2026)
नागपुर अब महाराष्ट्र में महिला सशक्तिकरण का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहाँ की दो सबसे प्रमुख योजनाओं का डेटा इस प्रकार है:
1. माझी लाडकी बहिन योजना: नागपुर के आंकड़े
नागपुर जिले में इस योजना ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव लाया है:
 * कुल लाभार्थी: नागपुर जिले में लगभग 8.5 लाख से अधिक पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
 * सत्यापन (Verification): बजट 2026 में कड़े नियमों के बाद, नागपुर में करीब 45,000 अपात्र आवेदनों को हटाया गया है, ताकि केवल जरूरतमंद बहनों को ही ₹1,500 की राशि मिल सके।
 * प्रभाव: इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से ग्रामीण नागपुर (जैसे काटोल, नरखेड़, सावनेर) की महिलाएं बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कर रही हैं।
2. पिंक ई-रिक्शा (Pink E-Rickshaw) प्रोजेक्ट: नागपुर की नई पहचान
नागपुर में 'पिंक ई-रिक्शा' अब केवल एक वाहन नहीं, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है।
 * ताज़ा अपडेट: हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में 50 नए पिंक ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाई है।
 * लक्ष्य: नागपुर जिले के लिए कुल 2,000 पिंक ई-रिक्शा का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1,032 महिलाओं के आवेदनों को जिला कलेक्टर की समिति ने मंजूरी दे दी है।
 * आर्थिक मॉडल: * 70%: बैंक ऋण (Bank Loan)
   * 20%: राज्य सरकार की सब्सिडी (₹75,000 से ₹80,000 तक)
   * 10%: महिला लाभार्थी का स्वयं का हिस्सा
 * विशेष सुविधा: इन रिक्शाओं को MahaMetro (नागपुर मेट्रो) के साथ जोड़ा जा रहा है। ये मेट्रो स्टेशनों पर 'फीडर सर्विस' के रूप में काम करेंगे, जिससे महिला यात्रियों को सुरक्षित सफर मिलेगा और महिला ड्राइवरों को पक्की कमाई।
 * ट्रेनिंग: हर चुनी गई महिला को 10 दिन की ड्राइविंग ट्रेनिंग और 5 साल का मुफ्त मेंटेनेंस सपोर्ट दिया जा रहा है।
3. नागपुर के लिए अन्य जेंडर बजट घोषणाएं
 * महिला अस्पताल: नागपुर में महिलाओं के लिए एक विशेष 'मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल' के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
 * कौशल विकास: रेशमबाग और दीघोरी जैसे इलाकों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए 'मार्केटिंग हब' बनाया जाएगा।
📊 संक्षेप में नागपुर जेंडर डेटा (2026)
| योजना | नागपुर में लाभार्थी / लक्ष्य |
|---|---|
| लाडकी बहिन योजना | 8.5 लाख+ महिलाएं |
| पिंक ई-रिक्शा | 2,000 का लक्ष्य (1,032 स्वीकृत) |
| लखपति दीदी | जिले की 40,000+ महिलाएं इस श्रेणी में शामिल |
| पिंक मेट्रो स्टेशन | नागपुर मेट्रो के 2 स्टेशन पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित |
> विशेष नोट: नागपुर के जिला कलेक्टर डॉ. विपिन इटनकर इस प्रोजेक्ट की खुद निगरानी कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पिंक ई-रिक्शा केवल उन्हीं महिलाओं को मिले जो वास्तव में सड़क पर इसे चलाने के लिए तैयार हैं।
ADVERTISEMENT