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कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण ने आज भारतीय चुनावी इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। आज, 23 अप्रैल को हुए मतदान में बंगाल की जनता ने घर से निकलकर न केवल अपना कर्तव्य निभाया, बल्कि वोटिंग के पिछले सभी रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है।
आंकड़ों की जुबानी: लोकतंत्र की जीत
निर्वाचन आयोग (Election Commission) से प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में शाम 6 बजे तक 92.35% मतदान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनाव और पिछले लोकसभा चुनावों के मुकाबले कहीं अधिक है।
प्रमुख जिलों का हाल:
• दक्षिण दिनाजपुर: 95.22% (सबसे अधिक उत्साह)
• कूचबिहार: 95.17%
• बीरभूम: 94.19%
• मालदा: 91.05%
152 सीटों पर दांव पर दिग्गजों की किस्मत
आज पहले चरण के तहत 152 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण और कहीं-कहीं छिटपुट तनाव के बीच वोट डाले गए। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस बार रिकॉर्ड तोड़ रही है, जो किसी बड़े राजनीतिक बदलाव या सुदृढ़ जनादेश की ओर इशारा कर रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भारी मतदान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की हजारों टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल रखा था। हालांकि, मुर्शिदाबाद और आसनसोल जैसे कुछ संवेदनशील इलाकों से छिटपुट झड़पों की खबरें आईं, लेकिन मतदान की गति पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
अब सबकी नजरें 4 मई पर
पहले चरण की इस सुनामी ने राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है। अब दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। राज्य की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला 4 मई 2026 को मतगणना के साथ होगा।