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होम डिलीवरी के विरोध हड़ताल, मे इमरजेंसी नंबर जारी दवाई संघ का ।

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होम डिलीवरी के विरोध हड़ताल, मे इमरजेंसी नंबर जारी दवाई संघ का । Good Morning Nagpur

 

केमिस्टों की देशव्यापी हड़ताल से पहले FDA अलर्ट: नागपुर में मरीजों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी

नागपुर:ऑनलाइन और ई-फार्मेसी (e-pharmacies) प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते बिजनेस, भारी डिस्काउंट और बिना कड़े नियमों के दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने कल, यानी 20 मई 2026 (बुधवार) को देशव्यापी बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। इस हड़ताल में देश भर के करीब 12.5 लाख और नागपुर सहित पूरे महाराष्ट्र के दवा दुकानदार शामिल हो रहे हैं।

इस बड़े शटडाउन को देखते हुए नागपुर का अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हड़ताल के दौरान किसी भी मरीज को जीवन रक्षक (Life-saving) दवाइयों की किल्लत न हो।

FDA की आपातकालीन तैयारी और हेल्पलाइन

नागपुर जिला प्रशासन और FDA ने आपातकालीन स्थिति के लिए विशेष ड्रग इंस्पेक्टर्स (औषधि निरीक्षकों) की नियुक्ति की है। यदि किसी मरीज या उनके परिजनों को कल आपातकाल में दवा नहीं मिल पा रही है, तो वे सीधे नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

स्वाति भारदे (औषधि निरीक्षक): ⁠+91 9890828194⁠

प्रशांत रामटेके (औषधि निरीक्षक): ⁠+91 9028670024⁠

अभिषेक चावरडोल (औषधि निरीक्षक): ⁠+91 8897940981⁠

जनता से पैनिक न होने की अपील: ये स्टोर्स रहेंगे खुले

FDA ने नागपुर के नागरिकों से पैनिक न होने और घबराने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:

1 सभी बड़े अस्पतालों (सरकारी और निजी) के अंदर और उनके परिसर में स्थित मेडिकल स्टोर्स आपातकालीन सेवाओं के लिए खुले रहेंगे।

2 नागपुर शहर में सक्रिय प्रमुख फार्मेसी चेन्स जैसे MedPlus (मेडप्लस), Apollo Pharmacy (अपोलो), और Wellness Forever (वेलनेस फॉरएवर) के आउटलेट्स 20 मई को हमेशा की तरह चालू रहेंगे।

केमिस्ट एसोसिएशन क्यों कर रहा है आंदोलन?

केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि दवा कोई आम वस्तु नहीं है जिसे बिना कड़े वेरिफिकेशन के ऑनलाइन होम डिलीवरी किया जाए। ई-फार्मेसी कंपनियां कॉर्पोरेट फंडिंग के दम पर 40 से 50% तक का डिस्काउंट दे रही हैं, जिससे पारंपरिक रिटेलर्स (जो सिर्फ 10-12% मार्जिन पर काम करते हैं) का अस्तित्व खतरे में है। इसके अलावा कोरोना काल में जो ऑनलाइन दवाओं की ढील दी गई थी, उसे सरकार तुरंत वापस ले और ई-फार्मेसी के लिए कड़े नियम बनाए।

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