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नागपुर/देश: नेशनल सैंपल सर्वे (NSS) के ताजा आंकड़ों ने देश की स्वास्थ्य सेवाओं की चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में निजी अस्पतालों में इलाज कराना सरकारी अस्पतालों की तुलना में 11 गुना अधिक महंगा हो गया है।
मुख्य बिंदु:
• बीमा का नहीं मिल रहा लाभ: चौंकाने वाली बात यह है कि हेल्थ इंश्योरेंस होने के बावजूद 90% से ज्यादा खर्च मरीजों को खुद अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है।
• बचत पर प्रहार: महंगे इलाज के कारण आम आदमी की जीवन भर की जमा पूंजी खत्म हो रही है।
• आर्थिक बोझ: सर्वे के मुताबिक, इलाज का बढ़ता खर्च अब आम लोगों के लिए एक भारी आर्थिक संकट बनता जा रहा है।
NSS के नए आंकड़ों ने चौंका दिया है! भारत में निजी अस्पताल सरकारी अस्पतालों से 11 गुना ज्यादा महंगे हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि बीमा होने के बाद भी 90% मेडिकल बिल का भुगतान मरीज को खुद करना पड़ रहा है।
मध्यमवर्गीय परिवारों की बचत अब बीमारियों की भेंट चढ़ रही है। क्या आपको भी लगता है कि निजी अस्पतालों के खर्चों पर लगाम
"देश में इलाज कराना अब आम आदमी के बस से बाहर होता जा रहा है। नेशनल सैंपल सर्वे की ताजा रिपोर्ट कहती है कि अगर आप प्राइवेट अस्पताल जा रहे हैं, तो सरकारी के मुकाबले आपको 11 गुना ज्यादा कीमत चुकानी होगी। हैरानी की बात तो यह है कि लोग इंश्योरेंस तो करवा रहे हैं, लेकिन फिर भी 90% खर्च अपनी जेब से ही दे रहे हैं। यानी हेल्थ इंश्योरेंस भी आम आदमी को कोई बड़ी राहत देने में नाकाम साबित हो रहा है। बढ़ती महंगाई और महंगे इलाज ने लोगों की बचत को पूरी तरह खत्म कर दिया है।"