“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
COVID वैक्सीन के मामले मे मीलेगा क्लेम:सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कोविड वैक्सीन साइड इफेक्ट्स पर भी मिलेगा मुआवजा
GMNEWS:नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा है कि कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर दुष्प्रभाव (Adverse Events) झेलने वाले लोगों या उनके परिजनों को मुआवजा देने के लिए एक 'नो-फॉल्ट कंपनसेशन' (No-Fault Compensation) पॉलिसी बनाई जाए।
खबर के मुख्य बिंदु:
* गलती साबित करना जरूरी नहीं: 'नो-फॉल्ट' पॉलिसी का मतलब है कि पीड़ित परिवार को यह साबित करने की जरूरत नहीं होगी कि सरकार या वैक्सीन कंपनी की कोई गलती थी। यदि यह सिद्ध होता है कि नुकसान वैक्सीन के कारण हुआ है, तो सीधे मदद दी जाएगी।
* अदालत की कड़ी टिप्पणी: जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि टीकाकरण अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी थी, इसलिए साइड इफेक्ट्स की स्थिति में सरकार को वित्तीय राहत प्रदान करनी चाहिए।
* पुराना मुआवजा (₹50,000) अलग है: याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में कोविड से हुई सामान्य मौतों के लिए ₹50,000 की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) का आदेश दिया था। यह नया आदेश विशेष रूप से 'वैक्सीन इंजरी' के मामलों के लिए है।
* PSU और प्राइवेट कर्मचारी: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की नीतियों को व्यापक बनाया जाए ताकि किसी भी वर्ग का व्यक्ति इससे अछूता न रहे।
किसे मिलेगा फायदा?
* वे लोग जिन्हें वैक्सीन लगने के बाद गंभीर बीमारियाँ (जैसे ब्लड क्लॉटिंग या हार्ट संबंधी समस्या) हुईं।
* वे परिवार जिन्होंने वैक्सीन के साइड इफेक्ट के कारण अपनों को खो दिया।
| विषय | विवरण
ताज़ा आदेश | वैक्सीन साइड इफेक्ट्स के लिए 'नो-फॉल्ट' मुआवजा नीति बने। |
दिनांक | मार्च 2026 |
आधार | अनुच्छेद 21 (Right to Health & Life) |
पहले का नियम | कोविड मृत्यु पर ₹50,000 (NDMA गाइडलाइंस के तहत)। |
विशेष नोट: अदालत ने यह भी कहा कि मौजूदा निगरानी प्रणाली (AEFI) जारी रहेगी और सरकार को पारदर्शी तरीके से डेटा सार्वजनिक करना होगा।