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नई दिल्ली / डेस्क: भारत सरकार ने देश के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बदलाव का सीधा लाभ उन लाखों छात्रों को मिलेगा जो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कॉर्पोरेट जगत का अनुभव लेना चाहते हैं।
प्रमुख बदलाव एक नजर में:
• स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी: पहले इस योजना के तहत इंटर्नशिप करने वाले उम्मीदवारों को ₹5,000 की वित्तीय सहायता दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह कर दिया गया है।
• एलिजिबिलिटी का दायरा बढ़ा: अब स्नातक (Graduate) और स्नातकोत्तर (Post Graduate) के अंतिम वर्ष के छात्र भी इस योजना के लिए पात्र होंगे और आवेदन कर सकेंगे।
• NOC की अनिवार्यता: आवेदन करने के लिए इच्छुक छात्रों को अपने संबंधित कॉलेज या संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Objection Certificate) प्राप्त करना होगा।
क्यों खास है यह योजना?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश की टॉप कंपनियों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। सरकार के इस नए कदम से न केवल छात्रों की आर्थिक मदद होगी, बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।