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नई दिल्ली: भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहाँ सोने को केवल आभूषण नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश और परंपरा का हिस्सा माना जाता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 700 से 900 टन सोने की खपत होती है।
प्रमुख बिंदु:
• आयात पर निर्भरता: भारत अपनी सोने की कुल ज़रूरत का 90% से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बड़ा असर पड़ता है।
• मांग के मुख्य कारण: भारतीय शादियों का सीजन, दीपावली और अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्यौहार सोने की बिक्री के मुख्य केंद्र होते हैं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बचत के लिए सोने को सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है।
• प्रधानमंत्री की अपील: खबरों के अनुसार, अर्थव्यवस्था को संतुलित करने और आयात बिल को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने की सांकेतिक अपील की है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की मांग कम होने से भारतीय रुपया मजबूत हो सकता है। हालांकि, शादियों के सीजन को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि आम जनता इस अपील पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।