तेहरान/नागपुर: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ती सैन्य तल्खी के बीच, ईरान का एक छोटा सा हथियार पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है—इसका नाम है 'शाहेद-136' (Shahed-136) ड्रोन। इस छोटे लेकिन घातक ड्रोन ने युद्ध के मैदान में अपनी मारक क्षमता से बड़े-बड़े डिफेंस सिस्टम को हैरान कर दिया है।
शाहेद-136: छोटा साइज, बड़ी तबाही
शाहेद-136 को 'सुसाइड ड्रोन' (Suicide Drone) भी कहा जाता है क्योंकि यह सीधे लक्ष्य से टकराकर खुद को धमाके के साथ नष्ट कर देता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
* बनावट: यह ड्रोन केवल 11 फीट लंबा है और इसके पंखों का विस्तार (wingspan) 8 फीट है।
* मारक क्षमता: यह अपने साथ करीब 50 किलो विस्फोटक (warhead) ले जाने में सक्षम है।
* दूरी: यह अपने लॉन्च पैड से 2,000 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना लगा सकता है।
* खौफनाक आवाज: इसमें लगा टू-स्ट्रोक इंजन उड़ते समय एक तेज 'भिनभिनाहट' की आवाज करता है, जो दुश्मन के खेमे में दहशत पैदा करने के लिए काफी है।
रडार की पकड़ से बाहर
इस ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत इसका कम ऊंचाई (Low Altitude) पर उड़ना है। बहुत नीचे उड़ने के कारण दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाते, जिससे इसे रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।
सस्ता हथियार, महंगा बचाव
शाहेद-136 की सबसे हैरान करने वाली बात इसकी लागत है:
* एक ड्रोन की कीमत केवल $20,000 (करीब 16 से 17 लाख रुपये) है।
* लेकिन, इसे मार गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली मिसाइल की कीमत $400,000 से $4 मिलियन तक हो सकती है।
यही कारण है कि यह 'सस्ता' ड्रोन इज़राइल और उसके सहयोगियों के लिए एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक बोझ बनता जा रहा है।
रिपोर्ट: गुड मॉर्निंग नागपुर न्यूज़ डेस्क