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गुड मॉर्निंग नागपुर न्यूज़ डेस्क
आज के डिजिटल युग में प्राइवेसी सबसे बड़ा सवाल बन गया है। सोशल मीडिया दिग्गज इंस्टाग्राम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी को प्रभावित कर सकती है। इंस्टाग्राम ने अपने प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' (End-to-End Encryption) फीचर को बंद करने का निर्णय लिया है।
क्या है पूरा मामला?
इंस्टाग्राम ने घोषणा की है कि वह अब एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर को सपोर्ट नहीं करेगा। यह फीचर साल 2023 से वैकल्पिक (Optional) रूप में यूजर्स के लिए उपलब्ध था। इस बदलाव का सीधा मतलब यह है कि मेटा (Meta) अब तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म पर होने वाली यूजर चैट्स तक अपनी पहुँच बना सकता है।
क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन ऑनलाइन मैसेजिंग को सुरक्षित बनाने का सबसे मजबूत तरीका माना जाता है। इसमें:
• मैसेज भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति (यहाँ तक कि खुद कंपनी भी) मैसेज को नहीं पढ़ सकता।
• यह डेटा को एक ऐसे कोड में बदल देता है जिसे बिना 'की' (Key) के डिकोड करना असंभव होता है।
यूजर्स पर क्या होगा असर?
इस सुरक्षा कवच के हटने से अब यूजर्स की बातचीत की गोपनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि कंपनियां इसे बेहतर यूजर एक्सपीरियंस और सुरक्षा मानकों का हवाला देकर लागू करती हैं, लेकिन प्राइवेसी एक्सपर्ट्स इसे डिजिटल सुरक्षा में एक बड़ी सेंध मान रहे हैं।
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