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दुबई/रियाद: सोशल मीडिया पर 'UAE Stories' के हवाले से एक ऐसी खबर वायरल हो रही है जिसने मानवीय संवेदनाओं और परिवार के प्रति समर्पण की नई परिभाषा लिखी है। यह कहानी एक ऐसे परिवार की है जहाँ आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर जान बचाने के लिए अंगों का दान (Organ Donation) किया गया।
क्या है पूरा मामला?
खबरों के अनुसार, एक व्यक्ति की दूसरी पत्नी गंभीर रूप से बीमार थी और उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उसे तत्काल किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत थी। ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों ने जो फैसला लिया, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया:
• पति का समर्पण: पति ने अपनी दूसरी पत्नी को जीवनदान देने के लिए अपनी एक किडनी दान करने का फैसला किया।
• पहली पत्नी की महानता: सबसे आश्चर्यजनक और सराहनीय कदम पहली पत्नी ने उठाया। उन्होंने अपनी 'सौतन' (दूसरी पत्नी) की जान बचाने के लिए अपने लीवर का हिस्सा दान कर दिया।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस घटना की तस्वीर इंटरनेट पर तेजी से साझा की जा रही है, जिसमें पति अपनी दोनों पत्नियों का हाथ थामे नजर आ रहा है। लोग पहली पत्नी के इस 'निस्वार्थ बलिदान' की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूज़र्स का कहना है कि जहाँ अक्सर सौतनों के बीच झगड़े की खबरें आती हैं, वहीं इस महिला ने मानवता और सहानुभूति की एक बड़ी मिसाल कायम की है।
चिकित्सा जगत में सराहना
डॉक्टरों का मानना है कि इस तरह के 'लिविंग डोनर' (जीते-जी अंग दान करने वाले) मामले न केवल जान बचाते हैं, बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता भी फैलाते हैं। इस सफल ट्रांसप्लांट के बाद अब वह परिवार एक साथ सामान्य जीवन जीने की ओर बढ़ रहा है।