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MULTI SCAM 1000-3000 Cr

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'शालार्थ आईडी घोटाले' 1000 से 3000 करोड़ा


GMNEWS:।महाराष्ट्र के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में से एक माना जा रहा है सरकारी खजाने को लगी चपत का आंकड़ा चौंकाने वाला है।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और SIT की अब तक की जांच के अनुसार, लूट का अनुमानित आंकड़ा इस प्रकार है:
1. नागपुर मंडल का घाटा (लगभग ₹100 करोड़ से अधिक)
सिर्फ नागपुर जिले और मंडल की बात करें, तो SIT का अनुमान है कि फर्जी आईडी के जरिए वेतन (Salary) और एरियर (Arrears) के रूप में ₹100 करोड़ से ₹125 करोड़ के बीच की सरकारी राशि हड़पी गई है।
 * इसमें कई ऐसे 'भूतिया' (Ghost) शिक्षक थे, जो असल में स्कूल जाते ही नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर हर महीने ₹50,000 से ₹80,000 की सैलरी सरकारी खजाने से निकल रही थी।
2. प्रति शिक्षक वसूली का खेल
खजाने की लूट केवल वेतन तक सीमित नहीं थी। यह एक सुनियोजित व्यापार बन गया था:
 * एक फर्जी आईडी को पोर्टल पर चढ़ाने के लिए ₹20 लाख से ₹30 लाख की रिश्वत ली जाती थी।
 * अगर नागपुर के 400 से 500 फर्जी शिक्षकों का हिसाब लगाया जाए, तो अकेले रिश्वत का लेनदेन ही ₹100 करोड़ के पार चला जाता है।
3. महाराष्ट्र स्तर पर महा-घोटाला (₹1000 करोड़ से ₹3000 करोड़)
चूंकि रोहिणी कुंभार के लैपटॉप से पुणे और मुंबई के कनेक्शन मिले हैं, इसलिए यह माना जा रहा है कि यह घोटाला पूरे महाराष्ट्र में फैला हुआ है।
 * विशेषज्ञों और जांच अधिकारियों का अनुमान है कि अगर पूरे राज्य की फर्जी आईडी की जांच की गई, तो यह आंकड़ा ₹1,000 करोड़ से लेकर ₹3,000 करोड़ तक जा सकता है।
4. खजाने को कैसे लूटा गया? (Modus Operandi)
 * बैक-डेट एरियर: फर्जी आईडी बनाकर 5-6 साल पुराना वेतन (Arrears) एक साथ निकाला गया। एक-एक आईडी पर ₹10 लाख से ₹20 लाख का एरियर डकारा गया।
 * अपात्र स्कूलों को अनुदान: जिन स्कूलों के पास छात्र नहीं थे या जो बंद होने की कगार पर थे, उन्हें 'अनुदानित' (Aided) दिखाकर सरकारी पैसा ट्रांसफर किया गया।
नुकसान की भरपाई की तैयारी
सरकार और SIT अब इन फर्जी आईडी को ब्लॉक करने के साथ-साथ:
 * आरोपियों की संपत्ति कुर्क (Seize) करने की योजना बना रही है।
 * जिन शिक्षकों ने फर्जी तरीके से वेतन लिया है, उनके बैंक खातों से रिकवरी के आदेश दिए जा रहे हैं।
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