“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
उपराजधानी के ५ हज़ार होटल मे जलेगी लकड़ी । प्राचीन सावद लोटेगा ।
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Good Morning Nagpur
नागपुर में बढ़ते एलपीजी (LPG) संकट ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। शहर के होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी अब गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से पुराने ढर्रे यानी लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
GMNEWS:नागपुर न्यूज़: रसोई से सिलेंडर गायब, अब 'लकड़ी' पर पकेगा होटल का खाना!
कितने होटल होंगे प्रभावित?
अनुमान के मुताबिक, नागपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों को मिलाकर लगभग 4,500 से 5,000 छोटे-बड़े होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे इस संकट की सीधी चपेट में हैं।
* छोटे ढाबे और टपरियाँ: करीब 2,500 से ज्यादा छोटी खाने की दुकानों पर सबसे बुरा असर पड़ा है। इनके पास बैकअप नहीं होता, इसलिए ये अब लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं।
* मीडियम रेस्टोरेंट: लगभग 1,500 ऐसे रेस्टोरेंट हैं जो गैस की किल्लत की वजह से अपना मेन्यू सीमित (Limited Menu) कर रहे हैं।
* कैटरिंग व्यवसाय: शादियों का सीजन होने के कारण शहर के सैकड़ों कैटरर्स को भारी परेशानी हो रही है।
क्यों पैदा हुए यह हालात?
* सप्लाई चेन में रुकावट: मिडिल-ईस्ट के तनाव के कारण गैस आयात में देरी हो रही है।
* बफर स्टॉक की कमी: नागपुर के मुख्य बॉटलिंग प्लांट्स में मांग के मुकाबले सप्लाई 40% तक गिर गई है।
* कालाबाजारी की आशंका: सिलेंडर की कमी होते ही कमर्शियल गैस की अवैध जमाखोरी की खबरें भी सामने आ रही हैं।
व्यवसायियों और ग्राहकों पर असर
> "अगर हम लकड़ी पर खाना बनाते हैं, तो न केवल खाना बनने में समय ज्यादा लगता है, बल्कि धुएं की वजह से किचन में काम करना मुश्किल हो जाता है। ग्राहकों को भी अब ऑर्डर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।" — स्थानीय होटल एसोसिएशन के सदस्य
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* स्वाद में बदलाव: लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल से खाने के स्वाद में बदलाव आ रहा है, जिसे कुछ ग्राहक पसंद कर रहे हैं तो कुछ धुएं की गंध की शिकायत कर रहे हैं।
* महंगाई की मार: लकड़ी और कोयले की कीमत में भी अचानक उछाल आया है, जिससे थाली की कीमत 10% से 15% तक बढ़ सकती है।
प्रशासन का क्या कहना है?
जिला प्रशासन और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक चल रही है ताकि होटलों के लिए 'प्रायोरिटी कोटा' तय किया जा सके। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 4-5 दिनों में रैक (गैस की खेप) पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य होगी।
क्या आप चाहते हैं कि मैं नागपुर के उन इलाकों की लिस्ट बताऊं जहाँ गैस की सबसे ज्यादा किल्लत है?