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उपराजधानी के संसद निधि और विकास

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उपराजधानी के संसद निधि और विकास Good Morning Nagpur

राज्यसभा और लोकसभा दोनों ही सदनों के सांसदों के लिए विकास निधि (MPLADS) की राशि समान होती है।

GMNEWS:नागपुर के संदर्भ में जानकारी 
1. राज्यसभा का फंड (MPLADS Fund)
भारत में प्रत्येक सांसद (चाहे वह राज्यसभा का हो या लोकसभा का) को ₹5 करोड़ प्रति वर्ष की विकास निधि मिलती है।
 * कुल अवधि: एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है, इस हिसाब से उनके पूरे कार्यकाल के लिए कुल ₹30 करोड़ का प्रावधान होता है।
 * नियम: राज्यसभा सांसद अपने राज्य के किसी भी एक या अधिक जिलों में विकास कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं।
2. नागपुर के सांसदों का खर्च (2024-2026 डेटा के अनुसार)
नागपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से लोकसभा में नितिन गडकरी करते हैं, जबकि राज्यसभा में भी इस क्षेत्र से जुड़े कई सांसद विकास कार्यों के लिए फंड देते हैं। ई-साक्षी (eSAKSHI) पोर्टल के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| नितिन गडकरी | लोकसभा | नागपुर | इनका फंड उपयोग आमतौर पर 90% से अधिक रहता है। 18वीं लोकसभा (2024 से अब तक) के लिए प्रक्रिया जारी है। |
| राज्यसभा सांसद | राज्यसभा | महाराष्ट्र | महाराष्ट्र से चुने गए राज्यसभा सांसद (जैसे प्रफुल्ल पटेल या अन्य) नागपुर जिले के लिए फंड आवंटित करते रहते हैं। |
खर्च का विवरण:
 * उपयोगिता दर: नागपुर के सांसदों का फंड उपयोग काफी सक्रिय रहता है। आंकड़ों के अनुसार, आवंटित फंड का एक बड़ा हिस्सा सड़कों, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवनों और स्कूल की इमारतों पर खर्च किया जाता है।
 * ताज़ा अपडेट: 2024 से 2026 के बीच, नए कार्यकाल के कारण कई सांसदों के फंड अभी 'अनुमोदन' (Sanction) की प्रक्रिया में हैं। देशभर में औसत फंड उपयोग फिलहाल लगभग 37% के आसपास देखा जा रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में यह गति तेज़ होती है।
3. फंड खर्च की मुख्य श्रेणियां
सांसद अपनी निधि का पैसा निम्नलिखित कार्यों में खर्च करते हैं:
 * पेयजल: हैंडपंप और पाइपलाइन।
 * शिक्षा: स्कूलों में कंप्यूटर लैब और अतिरिक्त कमरे।
 * स्वास्थ्य: एम्बुलेंस और सरकारी अस्पतालों में उपकरण।
 * स्वच्छता: सार्वजनिक शौचालय और ड्रेनेज सिस्टम।
नोट: सांसदों के पास पैसा नकद नहीं आता; वे केवल जिला कलेक्टर को काम की सिफारिश करते हैं, और प्रशासन सीधे ठेकेदार को भुगतान करता है।
नागपुर और रामटेक दोनों ही महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र हैं। 2024 के चुनावों के बाद से अब तक (मार्च 2026 तक) के उपलब्ध आंकड़ों और खर्च की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
1. नागपुर लोकसभा क्षेत्र (सांसद: नितिन गडकरी)
नितिन गडकरी अपने फंड (MPLADS) के कुशल प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं।
 * अनुमानित खर्च: 2024 में दोबारा चुने जाने के बाद, उनके नए कार्यकाल के लिए अब तक लगभग ₹7.5 करोड़ से ₹8.5 करोड़ के कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
 * प्रमुख कार्य: उन्होंने अपना अधिकांश फंड नागपुर शहर के बगीचों के सौंदर्यीकरण, हाई-मास्ट लाइटों, और सार्वजनिक ई-लाइब्रेरी के निर्माण पर केंद्रित किया है।
 * उपयोगिता: गडकरी जी का पिछले कार्यकाल का ट्रैक रिकॉर्ड 98% से ऊपर रहा था, और वर्तमान में भी वे तेजी से प्रस्ताव भेज रहे हैं।
2. रामटेक लोकसभा क्षेत्र (सांसद: श्यामकुमार बर्वे)
रामटेक एक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र है, यहाँ की प्राथमिकताएं नागपुर शहर से थोड़ी अलग हैं।
 * अनुमानित खर्च: नए सांसद होने के नाते, श्यामकुमार बर्वे ने अब तक लगभग ₹4 करोड़ से ₹5.5 करोड़ के विकास कार्यों की सिफारिश जिला प्रशासन को भेजी है।
 * प्रमुख कार्य: रामटेक क्षेत्र में फंड का बड़ा हिस्सा ग्रामीण सड़कों (CC Roads), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत, और गांवों में पानी की टंकियों के लिए आवंटित किया जा रहा है।
 * चुनौती: ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन आवंटन और तकनीकी मंजूरी में समय लगने के कारण, रामटेक का "वास्तविक व्यय" (Actual Expenditure) नागपुर शहर की तुलना में थोड़ा धीमा रहता है।
तुलनात्मक विवरण (2024-2026)
| विवरण | नागपुर (नितिन गडकरी) | रामटेक (श्यामकुमार बर्वे) |
| सालाना पात्रता | ₹5 करोड़ | ₹5 करोड़ |
| प्राथमिकता | शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल शिक्षा | ग्रामीण कनेक्टिविटी और कृषि सहायता |
| फंड स्टेटस | सक्रिय (Fast-track) | प्रक्रियाधीन (In-progress) |
आप इसे खुद कैसे चेक कर सकते हैं?
सरकार ने अब इसे पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। आप e-SAKSHI Mobile App या आधिकारिक mplads.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने क्षेत्र के सांसद का पिन कोड डालकर देख सकते हैं कि:
 * कितना पैसा रिलीज हुआ।
 * किस काम के लिए कितना पैसा दिया गया।
 * काम अभी शुरू हुआ है या पूरा हो चुका है।
एक रोचक तथ्य: सांसदों को मिलने वाला ₹5 करोड़ का फंड अक्सर बहुत कम पड़ता है, इसलिए ये सांसद अक्सर केंद्र सरकार की अन्य बड़ी योजनाओं (जैसे NHAI या अमृत योजना) से करोड़ों रुपये अपने क्षेत्र में लाते है ।
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