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'नेशनल क्रिएटर इकोनॉमी बिल 2026' और नए IT नियम: इन्फ्लुएंसर्स के लिए बड़ी खबर
भारत सरकार डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक नया कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। बजट 2026 और हाल ही में जारी IT नियम 2026 (Draft) के अनुसार, क्रिएटर इकोनॉमी को अब एक औपचारिक उद्योग (Formal Industry) का दर्जा दिया जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Highlights):
• इन्फ्लुएंसर्स को मिलेगा प्रोफेशनल दर्जा: सरकार क्रिएटर्स को अब सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स नहीं, बल्कि 'प्रोफेशनल पब्लिशर्स' के रूप में देख रही है। इसके तहत उन्हें कई तरह की सरकारी सुविधाओं और पहचान का लाभ मिल सकता है।
• 'ऑरेंज इकोनॉमी' को बढ़ावा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में "ऑरेंज इकोनॉमी" (क्रिएटिव सेक्टर) के लिए विशेष फंड और 15,000 स्कूलों में 'कंटेंट क्रिएटर लैब्स' बनाने की घोषणा की है।
• सख्त नियम (3-घंटे का समय): नए IT नियमों के अनुसार, यदि किसी कंटेंट को लेकर शिकायत होती है या वह गैर-कानूनी पाया जाता है, तो प्लेटफॉर्म्स और क्रिएटर्स को उसे 3 घंटे के भीतर हटाना होगा।
• AI और डीपफेक पर लगाम: अब AI से बनाए गए किसी भी वीडियो या फोटो पर 'AI-Generated' का लेबल लगाना अनिवार्य होगा, ताकि लोग भ्रमित न हों।
क्रिएटर्स पर क्या असर होगा?
1. कमाई के नए अवसर: ब्रांड डील्स और विज्ञापन अब अधिक पारदर्शी होंगे।
2. कानूनी जिम्मेदारी: अब क्रिएटर्स को अपने कंटेंट की सत्यता की अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। गलत जानकारी फैलाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
3. ट्रेनिंग और स्किलिंग: 'Onex Academy' जैसे आपके प्रोजेक्ट्स के लिए यह एक सुनहरा मौका है, क्योंकि सरकार अब डिजिटल स्किल्स और सर्टिफिकेशन को महत्व दे रही है।