-
--
नागपुर/डेस्क: डिजिटल युग में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर 'MMS' या निजी वीडियो लीक होने की धमकियों से लोग डर जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं। लेकिन कानून और तकनीक आपकी सुरक्षा के लिए मौजूद हैं। अगर कभी ऐसी स्थिति आए, तो इन चार चरणों का पालन करें:
1. घबराएं नहीं, सबूत सुरक्षित करें
सबसे पहले खुद को शांत रखें। घबराहट में वीडियो या चैट को डिलीट न करें। पुलिस जांच के लिए ये सबसे बड़े सबूत होते हैं।
• पोस्ट का स्क्रीनशॉट लें।
• URL (लिंक) कॉपी करें।
• तारीख और समय का रिकॉर्ड रखें।
2. हेल्पलाइन 1930 और सरकारी पोर्टल
तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, आप www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यहाँ आप अपनी पहचान गुप्त रखकर भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
3. StopNCII.org का उपयोग करें
यह एक बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय पोर्टल है जो आपके वीडियो का एक 'डिजिटल फिंगरप्रिंट' (Hash) बनाता है। इससे फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म उस वीडियो को भविष्य में अपलोड होने से अपने आप ब्लॉक कर देते हैं।
4. सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें
संबंधित प्लेटफॉर्म (Instagram, FB, X) पर जाकर कंटेंट को 'Privacy Violation' या 'Nudity' के रूप में रिपोर्ट करें। आमतौर पर प्लेटफॉर्म 24 घंटों के भीतर ऐसा कंटेंट हटा देते हैं।
कड़ी सजा का प्रावधान: IT एक्ट की धारा 66E और 67A के तहत निजता का उल्लंघन करने और अश्लील सामग्री फैलाने पर 3 से 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।