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PLAY SCHOOL के लिए बना नया क़ानून:शिक्षा मंत्री

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PLAY SCHOOL के लिए बना नया क़ानून:शिक्षा मंत्री Good Morning Nagpur

महाराष्ट्र सरकार ने निजी प्री-स्कूलों (Nursery, Playgroup, KG) को लेकर जो नए नियम बनाने का फैसला किया है,

वह राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है। 13 मार्च 2026 को विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, इसकी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ दी गई है:

मुंबई से बड़ी खबर: महाराष्ट्र में अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगे 'प्ले-स्कूल', सरकार ला रही है नया कानून
मुंबई: महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भूसे ने विधानसभा में घोषणा की है कि राज्य सरकार निजी प्री-स्कूलों को विनियमित (Regulate) करने के लिए एक विशेष कानून पेश करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य 3 से 6 साल के बच्चों के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
नियमों का नया 'कलेक्टर' (Key Features of the Law):
 * अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: अब किसी भी नर्सरी, प्लेग्रुप या बालवाड़ी को चलाने के लिए सरकारी 'प्री-स्कूल रजिस्ट्रेशन पोर्टल' पर पंजीकरण कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। हर 3 साल में इस रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण (Renewal) कराना होगा।
 * छात्र-शिक्षक अनुपात (20:1): छोटे बच्चों पर बेहतर ध्यान देने के लिए सरकार ने नियम बनाया है कि हर 20 बच्चों पर कम से कम एक शिक्षक का होना जरूरी है।
 * प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) पर बैन: बच्चों और अभिभावकों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए, प्री-प्राइमरी स्तर पर किसी भी प्रकार के लिखित या मौखिक 'एंट्रेंस टेस्ट' लेने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब केवल बच्चे के समग्र विकास का आकलन (Holistic Assessment) ही किया जा सकेगा।
 * बुनियादी ढांचा और सुरक्षा: * स्कूलों में बच्चों के अनुकूल फर्नीचर, खिलौने और सीखने की सामग्री होना अनिवार्य है।
   * सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना अब विकल्प नहीं बल्कि जरूरत होगी।
   * पीने का साफ पानी, खेल का मैदान और बच्चों के हिसाब से बने शौचालयों की जांच की जाएगी।
क्यों पड़ी इस कानून की जरूरत?
वर्तमान में राज्य में हजारों प्री-स्कूल बिना किसी सरकारी निगरानी के चल रहे हैं। सरकार के पास इनका कोई सटीक डेटा नहीं था। अप्रैल 2025 में पोर्टल शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 12,733 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन अभी भी कई स्कूल बाहर हैं। नया कानून आने के बाद बिना पंजीकरण के स्कूल चलाना अवैध माना जाएगा।
> अभिभावकों के लिए राहत: इस कानून के लागू होने के बाद, माता-पिता सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने क्षेत्र के स्कूलों की मान्यता, वहां की सुविधाएं और शिक्षकों की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
निश्चित रूप से, आप महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने क्षेत्र के प्री-स्कूलों (Nursery/Playgroup) की मान्यता और उनके द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जाँच कर सकते हैं।
यहाँ पोर्टल का विवरण और चेक करने का तरीका दिया गया है:
स्कूल का रजिस्ट्रेशन स्टेटस कैसे चेक करें?
 * आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले महाराष्ट्र शिक्षा विभाग के student.maharashtra.gov.in पोर्टल पर जाएँ।
 * प्री-स्कूल सेक्शन: होमपेज पर आपको 'Pre-School Registration' या 'School Search' का विकल्प दिखेगा।
 * विवरण भरें: अपने जिले (District) और तालुका (Taluka) का चयन करें।
 * सर्च करें: आप स्कूल के नाम या उसके UDISE+ कोड (यदि आपके पास है) से भी सर्च कर सकते हैं।
 * जानकारी देखें: सर्च करने पर आपको स्कूल का नाम, वहां के शिक्षकों की संख्या (Ratio), सीसीटीवी (CCTV) की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं की पूरी लिस्ट मिल जाएगी।
अभिभावकों के लिए कुछ जरूरी बातें:
 * मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची: सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों का नाम इस पोर्टल पर नहीं है, वे अभी 'अनाधिकृत' माने जा सकते हैं।
 * शिकायत पोर्टल: यदि कोई स्कूल नए नियमों (जैसे 20:1 अनुपात या सीसीटीवी) का पालन नहीं कर रहा है, तो आप उसी पोर्टल पर 'Grievance' सेक्शन में अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
 * दस्तावेजों की जांच: प्रवेश के समय आप स्कूल से उनके 'रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट' की कॉपी मांग सकते हैं, जो अब हर स्कूल को अपने नोटिस बोर्ड पर लगाना अनिवार्य है।
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