“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
२५०० सेंसेक्स गिरा: शेयर बाज़ार में गिरावट
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Good Morning Nagpur
शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 2500 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ। चौतरफा बिकवाली के दबाव में घरेलू शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स करीब 2500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे दलाल स्ट्रीट पर सन्नाटा पसर गया।
बाजार की बड़ी बातें:
* सेंसेक्स: ~2500 अंकों की गिरावट।
* निफ्टी: 700 अंकों से ज्यादा फिसलकर अहम स्तरों से नीचे पहुंचा।
* निवेशकों का नुकसान: बाजार पूंजीकरण (Market Cap) घटने से निवेशकों के करीब 7 से 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
क्यों गिरा बाजार? (गिरावट के मुख्य कारण)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस महा-गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं:
* वैश्विक मंदी की आहट: अमेरिका में कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण मंदी (Recession) का डर बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में घबराहट है।
* मिडिल ईस्ट में तनाव: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
* जापानी बाजार में क्रैश: जापान के 'निक्केई' इंडेक्स में ऐतिहासिक गिरावट का असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
* मुनाफावसूली: पिछले कुछ महीनों से बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर था, ऐसे में बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी बिकवाली की है।
निवेशकों की हालत पस्त
इस गिरावट ने छोटे और बड़े सभी निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी। रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों के टूटने से बाजार को संभलने का मौका नहीं मिला।
विशेषज्ञ की राय: "बाजार में यह पैनिक सेलिंग (Panic Selling) का माहौल है। निवेशकों को सलाह है कि वे घबराकर जल्दबाजी में फैसला न लें और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में बने ।