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नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.17 के अब तक के सबसे निचले स्तर (Record Low) पर जा गिरा।
गिरावट के प्रमुख कारण:
• वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर दिए गए शांति प्रस्ताव की प्रतिक्रिया को खारिज करने के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इसका सीधा असर इमर्जिंग मार्केट्स की करेंसी पर पड़ा है।
• ईंधन और सोने की खपत पर चिंता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन (पेट्रोल-डीजल) बचाने और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अपील ने बाजार में विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटे को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बाजार पर असर:
रुपये में आई इस ऐतिहासिक गिरावट से आयात (Import) महंगा होने की आशंका है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू महंगाई पर पड़ सकता है। आरबीआई (RBI) की अगली चाल पर अब पूरे बाजार की नजर टिकी है।