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Good Morning Nagpur
नागपुर में कानून व्यवस्था ध्वस्त: सरेआम कट्टे और तलवारों से हमले, क्या बेखौफ हो गए हैं अपराधी?
नागपुर: मानकपुर थाना अंतर्गत उपराजधानी' मे शैलेश कुमार पटेल ने बची के पीछे पकड़ के भागा लोगों ने पकड़ के पुलिस के हवाले किया :आरिफ काज़ी ने मीडिया को जानकारी दी मुस्लिम समाज की बची सदर से मदरसा पड के आ रही आरोपी पिछा करते आ रहा था मोका देखते घटना को अंजाम दिया आगे पुलिस जाँच कर रही हैं ।
उपराजधानी अपराध की राजधानी बनती जा रही है। पिछले कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में जिस तरह से सरेआम हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, उसने आम नागरिकों के मन में दहशत पैदा कर दी है। स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि पुलिस का खौफ अपराधियों के दिल से पूरी तरह खत्म होता नजर आ रहा है।
सरेआम कट्टे और तलवारों का नंगा नाच
शहर की सड़कों पर अब सरेआम कट्टे (हथियार) लहराना और तलवारों से हमला करना एक 'आम बात' बन गई है। हालिया घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि बदमाशों को न तो कानून की परवाह है और न ही वर्दी का डर। सरेराह होने वाले मर्डर और जानलेवा हमलों ने नागपुर के शांत माहौल को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
आम नागरिक का जीना मुहाल
एक तरफ प्रशासन विकास के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस कर रहा है। व्यापारिक क्षेत्रों से लेकर रिहायशी इलाकों तक, गुंडागर्दी का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस की गश्त (Patrolling) सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि जमीन पर अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
सीपी के इस्तीफे की बढ़ती मांग की बात हो,जान सड़क पर माँ बहन सुरक्षित नहीं खुले आम बच्चियों बम्ब दबाकर बदमाश भाग रहे ऐसे हमारा समाज की सुरक्षा किस के हवाल?
कानून व्यवस्था के इस बदतर हालात को देखते हुए अब जनता और विभिन्न संगठनों के बीच भारी रोष है। पुलिस कमिश्नर (CP) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि: