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नागपुर/डेस्क: आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में होनहार छात्रों के लिए भारत सरकार की 'नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप' (NMMS) एक बेहतरीन अवसर लेकर आई है। इस योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रति वर्ष ₹12,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
मुख्य पात्रता और शर्तें:
इस स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए छात्रों को निम्नलिखित मापदंड पूरे करने होंगे:
• शैक्षणिक योग्यता: छात्र ने कक्षा 8वीं की परीक्षा में कम से कम 55% अंक (सामान्य वर्ग के लिए) प्राप्त किए हों। आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए इसमें 5% की छूट दी गई है, यानी उन्हें 50% अंक अनिवार्य हैं।
• लक्ष्य समूह: यह योजना कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी बोर्ड्स (All Boards) के छात्रों के लिए लागू है।
• पारिवारिक आय: आवेदक के परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा (वर्तमान में ₹3,50,000) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
कैसे होगा चयन?
छात्रों का चयन राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली एक लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाता है, जिसमें मानसिक योग्यता (MAT) और शैक्षणिक योग्यता (SAT) के प्रश्न पूछे जाते हैं।
क्यों जरूरी है यह योजना?
अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण कई प्रतिभाशाली बच्चे 8वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं। सरकार का लक्ष्य इस स्कॉलरशिप के जरिए ड्रॉप-आउट रेट को कम करना और शिक्षा को बढ़ावा देना है।