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प्रेम प्रसंग में रोज़ ७ से ८ मौत ।

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प्रेम प्रसंग में रोज़ ७ से ८ मौत । Good Morning Nagpur

विशेष रिपोर्ट: भारत में प्रेम प्रसंग बने हत्या की बड़ी वजह, हर दिन औसतन 7 से 8 मौतें

नई दिल्ली:
भारत में आपसी रंजिश और पारिवारिक विवादों के बाद 'प्रेम प्रसंग' (Love Affairs) और 'अवैध संबंध' (Illicit Relationships) हत्याओं का तीसरा सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आए हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की नवीनतम रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में हर साल प्यार, त्रिकोणीय प्रेम (Love Triangles) और अवैध संबंधों के चक्कर में हजारों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
आंकड़ों की जुबानी: रोजाना का खौफनाक औसत
NCRB के देशव्यापी आंकड़ों के अनुसार, भारत में सालाना लगभग 28,000 हत्याएं दर्ज की जाती हैं। इनमें से करीब 10% हत्याओं के पीछे का मुख्य मकसद 'प्रेम प्रसंग' या 'अवैध संबंध' होता है।
• सालाना आंकड़े: हर साल करीब 2,800 से 3,000 लोगों की हत्या प्रेम से जुड़े विवादों के कारण होती है।
• दैनिक औसत: अगर इसे दिनों में बांटकर देखा जाए, तो भारत में हर दिन औसतन 7 से 8 लोग प्रेम प्रसंग या उससे उपजे विवादों के कारण मौत के घाट उतार दिए जाते हैं।
अपराध के मुख्य कारण और ट्रेंड्स
मनोवैज्ञानिकों और पुलिस प्रशासन के अनुसार, इन हत्याओं के पीछे कुछ मुख्य प्रवृत्तियां देखी गई हैं:
देश में हत्याओं के टॉप 4 मुख्य मोटिव (Motives)
NCRB के अनुसार, भारत में होने वाली कुल हत्याओं के प्राथमिक कारणों का क्रम इस प्रकार है:
1.    व्यक्तिगत दुश्मनी / आपसी रंजिश (Personal Vendetta) – लगभग 12%
2.    पारिवारिक विवाद (Family Dispute) – लगभग 11%
3.    प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध (Love Affairs) – लगभग 10%
4.    संपत्ति का विवाद (Property Dispute) – लगभग 7%
विशेषज्ञों की चिंता: घटता धैर्य और बढ़ता सोशल मीडिया का प्रभाव
समाजशास्त्रियों का मानना है कि आधुनिक समय में रिश्तों में धैर्य की कमी, अत्यधिक पजेशन (Possessiveness) और सोशल मीडिया के कारण उपजा अविश्वास इस तरह के हिंसक अपराधों को बढ़ावा दे रहा है। कई मामलों में मामूली विवाद या ब्रेकअप के बाद भी युवा आत्मघाती या हिंसक कदम उठा लेते हैं, जो कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।
- ब्यूरो रिपोर्ट, गुड मॉर्निंग नागपुर न्यूज़