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नागपुर/दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव और बयानबाजी को लेकर गरमागरमी तेज हो गई है। पूर्व सांसद नवनीत राणा के एक कथित बयान को लेकर मुस्लिम समाज में भारी रोष देखा जा रहा है। इसी सिलसिले में सामाजिक कार्यकर्ता प्यारे खान ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर नवनीत राणा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
"मुसलमान पाकिस्तान जाएं": बयान पर छिड़ा विवाद
शिकायतकर्ता प्यारे खान अध्यक्ष राज्य अलसंख्यक आयोग का आरोप है कि नवनीत राणा ने अपने भाषणों में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए उन्हें "पाकिस्तान जाने" जैसी आपत्तिजनक बातें कही हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की बयानबाजी से समाज के दो वर्गों के बीच वैमनस्य पैदा हो रहा है और राज्य में जातिवादी दंगे भड़कने की आशंका है।
बीजेपी पर "बचाव" के आरोप और बावनकुले का रुख
एक तरफ जहाँ विपक्षी दल और मुस्लिम समाज बीजेपी पर नवनीत राणा को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मामले पर संतुलित रुख अपनाने की कोशिश की है। बावनकुले ने मीडिया से बातचीत में अपील की है कि इस मामले को अनावश्यक तूल देकर समाज का माहौल खराब न किया जाए। उन्होंने "180 फर्जी हिंदू" वाली पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए मीडिया से संयम बरतने का आग्रह किया है।
मुस्लिम समाज में आक्रोश
इस बयान के बाद अमरावती और विदर्भ के अन्य हिस्सों में मुस्लिम समाज के युवाओं में काफी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि बार-बार एक विशेष समुदाय को निशाना बनाना संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।
मुख्य बिंदु:
• शिकायत: प्यारे खान द्वारा PMO को आधिकारिक शिकायत दर्ज।
• आरोप: नवनीत राणा पर नफरती भाषण (Hate Speech) के जरिए दंगा भड़काने की कोशिश का आरोप।
• बीजेपी का स्टैंड: पार्टी नेतृत्व द्वारा फिलहाल बचाव की मुद्रा, मीडिया से 'सजा' न देने की अपील।
• तनाव: स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक शांति बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती।