Daily Wisdom Drop
  • Everyone has bad days, Don’t give up. Pause, rest, reset, restart, but never quit. Always pick yourself up & keep going.
  • Never compromise your principles even if it leads to difficulties in the short term.

पैनकार्ड बना सकता है डिफॉल्टर

Share News:
पैनकार्ड बना सकता है डिफॉल्टर Good Morning Nagpur

 

सावधान! आपका पैन कार्ड आपको बिना लोन लिए बना सकता है 'डिफॉल्टर' – जानें कैसे बचें

नागपुर: आज के डिजिटल युग में पैन (PAN) कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय साख का आधार है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको उस कर्ज का 'डिफॉल्टर' बना सकती है जो आपने कभी लिया ही नहीं? साइबर ठग अब आपके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी लोन उठा रहे हैं, जिससे आम लोगों का CIBIL स्कोर खराब हो रहा है।

कैसे जाल बिछाते हैं साइबर ठग?

धोखाधड़ी का यह खेल बेहद शातिर तरीके से खेला जाता है:

1. डाटा लीक: असुरक्षित वेबसाइट्स या फिशिंग लिंक के जरिए ठग आपका पैन नंबर और निजी जानकारी चुरा लेते हैं।

2. फर्जी आवेदन: आपके पैन का उपयोग कर ऑनलाइन लोन ऐप्स या कम दस्तावेज वाले प्लेटफॉर्म्स पर लोन के लिए अप्लाई किया जाता है।

3. डिजिटल KYC का दुरुपयोग: ठग डिजिटल पहचान के साथ छेड़छाड़ कर लोन पास करवा लेते हैं।

4. पैसा ठग के पास, कर्ज आपके नाम: लोन की रकम ठग के पास चली जाती है, जबकि कागजों पर कर्जदार आप बन जाते हैं।

धोखाधड़ी का पता कब चलता है?

अक्सर पीड़ितों को तब पता चलता है जब:

• अचानक उनका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) गिर जाता है।

• बैंक किसी नए लोन या क्रेडिट कार्ड के आवेदन को 'डिफॉल्टर' बताकर रिजेक्ट कर देता है।

• रिकवरी एजेंटों के फोन कॉल आने शुरू हो जाते हैं।

बचाव के लिए क्या करें? (एक्सपर्ट टिप्स)

• नियमित चेक करें क्रेडिट रिपोर्ट: हर 3-4 महीने में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें कि कहीं कोई अनजान लोन अकाउंट तो नहीं दिख रहा।

• दस्तावेजों पर लिखें उद्देश्य: कहीं भी पैन कार्ड की फोटोकॉपी देते समय उस पर तारीख और उद्देश्य जरूर लिखें (जैसे- "Only for KYC at XYZ Bank") और क्रॉस साइन करें।

• निजी जानकारी न करें साझा: अनजान व्यक्ति या असुरक्षित वेबसाइट पर अपना पैन नंबर, आधार या ओटीपी शेयर न करें।

अगर शिकार हो जाएं, तो क्या करें?

1. बैंक को सूचित करें: तुरंत संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान को इसकी जानकारी दें।

2. CIBIL में शिकायत: क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर जाकर इस 'अनजान लोन' पर विवाद (Dispute) दर्ज करें।

3. साइबर सेल की मदद: नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

4. पुलिस FIR: जरूरत पड़ने पर नजदीकी थाने में FIR दर्ज कराएं ताकि भविष्य में कानूनी सुरक्षा मिल सके।

ADVERTISEMENT