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मंडला (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक घर में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में कुत्तों के प्रजनन अंग (Private Parts) बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में यह सरकारी धन को चूना लगाने के लिए किया गया एक बड़ा 'नसबंदी घोटाला' नजर आ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
एक एनिमल एक्टिविस्ट की शिकायत पर पुलिस और प्रशासन ने मंडला के एक रिहाइशी इलाके में छापा मारा। वहां मौजूद कंटेनरों में 795 कुत्तों के प्रजनन अंगों को 'फॉर्मलीन' (एक रासायनिक घोल जो अंगों को सड़ने से बचाता है) में डुबोकर रखा गया था।
फर्जी बिलिंग का खेल
खबरों के मुताबिक, एक एनजीओ को क्षेत्र में आवारा कुत्तों की नसबंदी करने का टेंडर मिला था। नगरपालिका द्वारा प्रति नसबंदी लगभग 679 रुपये की राशि तय की गई थी। आरोप है कि यह एनजीओ बिना नसबंदी किए या नियमों को ताक पर रखकर फर्जी बिल पेश करने की फिराक में था। बरामद किए गए इन अंगों को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था ताकि सरकारी खजाने से लाखों रुपये ऐंठे जा सकें।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और संबंधित एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पशु क्रूरता और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।