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चंडीगढ़/नई दिल्ली:
पंजाब में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े अन्य परिसरों पर सोमवार को हुई ED की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए केंद्र पर तीखा हमला बोला है।
'एजेंसियों का हो रहा है दुरुपयोग' - भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस छापेमारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उन राज्यों में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है, जहां उनकी सरकार नहीं है।
मान ने मीडिया से बातचीत में कहा:
संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर हुई छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, ED की यह कार्रवाई लुधियाना और जालंधर सहित कई ठिकानों पर की गई है। यह छापेमारी जमीन से जुड़े एक पुराने सौदे और वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई है। हालांकि, 'आप' नेताओं का कहना है कि संजीव अरोड़ा एक सम्मानित व्यवसायी और सांसद हैं, और उन्हें बिना किसी ठोस आधार के निशाना बनाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने भी उठाए सवाल
इस मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए कहा कि भाजपा 'आप' की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ ही जांच एजेंसियां इतनी मुस्तैद रहती हैं, जबकि भाजपा में शामिल होने वाले दागी नेताओं की फाइलें बंद कर दी जाती हैं।
सियासी गलियारों में चर्चा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब में आने वाले समय में होने वाले नगर निकाय चुनावों और उपचुनावों से पहले यह छापेमारी राज्य की राजनीति को और अधिक ध्रुवीकृत (Polarize) करेगी। जहाँ एक तरफ भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बता रही है, वहीं 'आप' इसे विकास के काम रोकने की साजिश करार दे रही है।